ओ एस डी ए वी पब्लिक स्कूल, कैथल में पंचदिवसीय आर्य युवा वैदिक चेतना एवं योग शिविर का भव्य समापन:
आर्य युवा वैदिक चेतना एवं योग शिविर: द्वितीय दिवस
आज, 28 मार्च 2026 को ओ.एस.डी.ए.वी. विद्यालय के प्रांगण में पाँच दिवसीय आर्य युवा वैदिक चेतना एवं योग शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत सर्वांग सुंदर व्यायाम से हुई, जिसमें श्रीमान कुलदीप जी ने बच्चों को विभिन्न प्रकार के व्यायाम कराए और तन की सुदृढ़ता के लाभ समझाए। विद्यार्थियों ने योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान को उत्साहपूर्वक किया और अपनी शारीरिक शक्ति को बढ़ाया। तत्पश्चात विद्यार्थियों ने अग्निहोत्र यज्ञ किया।
इसके पश्चात सभी विद्यार्थियों ने वस्त्र परिवर्तन कर पौष्टिक नाश्ता किया। इस दौरान उन्होंने संतुलित आहार के महत्व को समझा और अपने दैनिक आहार में पौष्टिकता बनाए रखने का संकल्प लिया।
इसके बाद विद्यार्थियों ने अपनी कक्षा को सुसज्जित कर अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। मुख्य अतिथि महोदय ने कक्षा का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।
बौद्धिक सत्र में श्रीमती रीतू अरोड़ा जी ने विद्यार्थियों को ध्यान एवं सकारात्मक सोच के महत्व के बारे में बताया कि ध्यान करने से मन शांत होता है और एकाग्रता बढ़ती है। ध्यान से तनाव चिंता और कई रोगों में लाभ मिलता है ।स्वस्थ भोजन और अच्छे विचार अपनाने की भी प्रेरणा दी गई ।विद्यार्थियों ने ध्यान का अभ्यास भी किया।
इसके उपरांत विद्यार्थी भजन प्रतियोगिता की तैयारी में जुट गए। दोपहर के भोजन के पश्चात सभी विद्यार्थियों को कुछ समय के लिए विश्राम दिया गया। इसके बाद भजन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ भाग लिया तथा अपनी अद्वितीय प्रतिभा का परिचय दिया।
शाम को पुनः विद्यार्थियों ने शारीरिक अभ्यास किया, जिसमें डंबल एक्सरसाइज़ आदि शामिल रहीं। इसके पश्चात ध्वज वंदन एवं संध्या आरती का आयोजन हुआ, जिससे सभी विद्यार्थियों में एक नई ऊर्जा और उमंग का संचार हुआ।
अंत में, इस दिन की सफलता और उल्लास को सँजोए हुए सभी विद्यार्थी नई प्रेरणा और उत्साह के साथ अपने-अपने घरों की ओर प्रस्थान कर गए।
ओ.एस. डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, कैथल के विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण
ओ.एस. डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, कैथल में आयोजित पंचदिवसीय आर्य युवा वैदिक चेतना एवं योग शिविर के तीसरे दिन विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत चंडीगढ़ ले जाया गया। इस भ्रमण में कुल 167 शिविरार्थी शामिल हुए, जिनमें चार वर्गों के बालक एवं चार वर्गों की बालिकाएँ सम्मिलित थीं।
विद्यार्थियों ने चंडीगढ़ स्थित रॉक गार्डन और चंडीगढ़ के पास स्थित छतबीड़ चिड़ियाघर का भ्रमण किया । रॉक गार्डन की अद्भुत कलाकृतियों से प्रेरणा लेते हुए ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ की अवधारणा को भली-भांति समझा। इस भ्रमण के माध्यम से उन्होंने सीखा कि किस प्रकार सामग्रियों (कचरे) का पुनः उपयोग कर उन्हें सुंदर एवं उपयोगी वस्तुओं में बदला जा सकता है।
छतबीड़ चिड़ियाघर में विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों व जानवरों को करीब से देखा और उनके बारे में जाना,जिसका अनुभव उनके लिए रोमांचक और शिक्षाप्रद रहा।
इस शैक्षणिक भ्रमण का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में अनुशासन, आपसी समझ, सामंजस्य एवं सहयोग की भावना विकसित करना था। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अंजु तलवाड़ ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह अनुभव उनके व्यक्तित्व निर्माण एवं ज्ञानवर्धन में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने इस प्रकार के भ्रमण को शैक्षिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण अंग बताया, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं।
दिनांक 31 मार्च 2026 को ओ एस डी ए वी पब्लिक स्कूल, कैथल में आयोजित पंचदिवसीय आर्य युवा वैदिक चेतना एवं योग शिविर का समापन समारोह हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय निदेशिका श्रीमती सुमन निझावन और सचिव डी ए वी प्रबंधकर्त्री समिति नई दिल्ली,सहमंत्री आर्य प्रादेशिक प्रतिनिधि सभा,नई दिल्ली, आर्य प्रादेशिक प्रतिनिधि उपसभा हरियाणा के प्रधान श्री सतपाल आर्य जी की उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अंजु तलवाड़ जी ने मुख्य अतिथि का पारंपरिक रूप से पटका और पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि आधुनिक युग में छात्रों को इंजीनियरिंग और डॉक्टर बनने के साथ-साथ समाज का सभ्य नागरिक भी होना चाहिए तथा उनमें नैतिक मूल्यों का समावेश भी होना चाहिए
समापन समारोह के दौरान शिविरार्थियों द्वारा अर्जित प्रशिक्षण का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया, जिसमें भजन गायन, डंबल, कराटे, लेजियम, दंड बैठक, लाठी संचालन एवं योगाभ्यास जैसी विविध गतिविधियाँ शामिल थीं। शिविर में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि शिविर ने उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और वैदिक संस्कृति के प्रति जागरूकता को प्रबल kकिया है।
क्षेत्रीय निदेशिका श्रीमती सुमन निझावन जी ने शिविरार्थियों को चरित्र बल की उपयोगिता बताते हुए योग शिविर की सार्थकता पर बल दिया।
डीएवी प्रबंधकर्त्री समिति नई दिल्ली के सचिव श्री सतपाल आर्य ने शिविरार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि शिविर में प्राप्त शारीरिक, बौद्धिक एवं आत्मिक उन्नति के प्रशिक्षण को केवल शिविर तक ही सीमित नहीं रखना है। जीवन को श्रेष्ठ बनाने वाले इस प्रशिक्षण को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना है और स्वयं भी श्रेष्ठ बनना है तथा दूसरों को भी श्रेष्ठ बनाना है। हमारा उद्देश्य तो संसार का उपकार करना है।इस अवसर पर शिविरार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु पारितोषिक वितरित किए गए।
यह पंचदिवसीय शिविर विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास में सहायक सिद्ध होने के साथ-साथ उनके चरित्र निर्माण एवं सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में भी प्रभावशाली साबित हुआ।